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जैविक तरल फर्टिलाइजर (एडवांस जीवामृत) व कीटनाशक बनाने की विधि

इस ब्लॉग मे, आप जैविक फर्टिलाइजर और कीटनाशक तैयार करने की सामग्री, बनाने की विधी, नुकसान, लाभ, सीमाओ और सुरक्षा सावधानियो पर विस्तृत मार्गदर्शिका पाएंगे।

5 और 2.5 क्यूबिक मीटर की काम्पोस्ट बेग मे एडवांस जीवामृत बनाने के लिए कच्चे माल की इनपुट मात्रा

Jaivik Fertilizer ( कम्पोस्ट बेग) Ingredients

* मैदा का उपयोग फर्टिलाइजर बनाने की सामग्री मे न करे। 

*  सारी सामग्री डालने के 45 – 50 दन बाद खाद नकलना शुरू करे। 

* किचन वैस्ट ज्यादा हो तो उसके हिसाब से चावल का पानी कम डालना है। 

एडवांस जीवामृत बैग – 5 घन मीटर

छोटे किसानों के लिए तरल खाद बैग – 2.5 घन मीटर

तैयारी:

  • 200 लीटर के ड्रम मे एनारोबिक कम्पोस्ट बेग लगाइए, और इसके लिए प्लंबिंग किट का इस्तेमाल कीजिए।
  • अब पहली बार, ऊपर टेबल मे बताई गई सभी सामग्रियो को इकट्ठा कर ले।
  • इसे ड्रम मे डाले और फिर इसे घड़ी की दिशा मे हिलाए। (कच्चे माल को ड्रम मे हिलाना जरूरी है और पानी व कच्चे माल की मात्रा का ध्यान रखना आवश्यक है। )

बनाने की विधी का विडिओ (VIDEO) यहा देख सकते है। >> https://youtu.be/Okx6nNYAQ2E?si=YlwIATVdm7kgLMFT

bag based advance jivamrut and its crop production

1 लीटर जैविक तरल उर्वरक (एडवांस जीवामृत) में पोषक तत्व – परीक्षण विधि के साथ

1-लीटर कंपोस्टिंग बेग-आधारित फर्टिलाइजर के लिए प्रयोगशाला रिपोर्ट नीचे दी गई है।

Composting bag lab report

Composting bag lab report data

उपयोग एवं अनुप्रयोग:

प्राकृतिक तरल फर्टिलाइजर के रूप मे छिडकाव के लिए 5-10% जैविक फर्टिलाइजर को पानी मे घोले।

250 लीटर प्रति एकड ड्रिप या जल चैनल सिंचाई के माध्यम से सीधे मिट्टी मे डाले।

फसल के आकार और प्रकार के हिसाब से हर 15-20 दिन मे इस्तेमाल करने की मात्रा को बदले।

सभी प्रकार की फसल के लिए उपयुक्त। (पौधो, सब्जियो, इनडोर पौधो, फसले)

सावधानियाँ:

इसे तैयार करते समय, देसी गाय के गोबर, छाछ और मूत्र जैसी सामग्रियो का उपयोग करना आवश्यक है।

कंपोस्टिंग बेग मे निर्दिष्ट आउटलेट का उपयोग करके तुरंत बायोगैस छोडना याद रखे।

देसी गाय क्यो?

क्योकि भारतीय नस्ल की गायोमे संकर गायो की तुलना मे अधिक पोषक तत्व होते है। भारतीय नस्लो के गोबर, छाछ और मूत्र मे आमतौर पर पोषक तत्वो का स्तर अधिक होता है। इसलिए, इन विशिष्ट सामग्रियो का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि उत्पादित फर्टिलाइजर उच्च गुणवत्ता वाला है और पौधो को बेहतर पोषण प्रदान करता है

फायदे

  • कम से कम छानने (99% तरल सामग्री) की आवश्यकता है।
  • बार-बार उपयोग करने पर भी मिट्टी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नही पडता।
  • इसे किसी गड्ढे मे रखे गए एयरटाइट प्लास्टिक बेग मे 1 साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
  • बहुत कम गंध (पर्यावरण के अनुकूल है)
  • यह आर्थिक रूप से सस्ती और अलग-अलग आकारो मे उपलब्ध है, जिससे यह छोटे किसानो के लिए आसानी से मिल जाता है।
  • बेग मे इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल आपके खेत पर आसानी से उपलब्ध होता है।
  • मिट्टी के PH स्तर को बढ़ाता है।

प्राकृतिक कीटनाशक बनाने के लिए कच्चे माल की इनपुट मात्रा (जैविक कीटनाशक)

Jaivik Kitnashak Making

*कीटनाशक बनाने के लिए 90 दिन तक इंतजार करे. फिर इसे इकट्ठा करना शुरू करे.

ध्यान दे: 90 दिनो के बाद, नियमित मात्रा जोडने के लिए, सामग्री की वर्तमान कुल मात्रा को 20 से विभाजित करे।

जैविक किटनाशक क्या है (बायो-पेस्टीसाइड)

जैव-कीटनाशक प्राकृतिक सामग्रियो, रसोई या सब्जियो के कचरे और खरपतवार पौधो से बनाए जाते है। वे फसलो, सब्जियो और फलो को कीटो, कवक और बीमारियो से बचाने मे मदद करते है। यह हमारे स्वास्थ्य या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना उत्पादन बढ़ाने मे मदद करता है।

तैयारी: जैविक किटनाशक बनने की विधि

कम्पोस्ट बेग मे प्राकृतिक कीटनाशक बनाने की प्रक्रिया लगभग प्राकृतिक उर्वरक बनाने जैसी होती है, बस कच्चे माल की मात्रा मे थोड़ी भिन्नता होती है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कीटनाशको को इकट्ठा करने के लिए प्रतीक्षा समय 90 दिन है।

उपयोग एवं अनुप्रयोग

आप फसल के व्यवहार और फसल की मात्रा के आधार पर 15 से 20 दिनो के अंतराल मे कीटनाशक का उपयोग कर सकते है। यदि आपके पास 15 लीटर कीटनाशक पंप है, तो आप फसल की परिधि के आधार पर 1-5 लीटर कीटनाशक मिला सकते है।

शुरुआती स्तर पर आपको नियमित मात्रा मे कीटनाशक (2 या 3 पंप/एकड) की आवश्यकता होती है। फूल आने की अवस्था मे, पौधे की वृद्धि और उम्र के आधार पर, आपको अधिक कीटनाशक (अधिक पंप) की आवश्यकता हो सकती है।

सावधानियां

कीटनाशको के प्रयोग से पहले फसल के स्वास्थ्य का आकलन करे। यदि कवक, बैक्टीरिया या वायरस मौजूद है, तो प्रभावित क्षेत्रो मे कीटनाशको का प्रयोग बढ़ाने पर विचार करे।

एक विशिष्ट समय सीमा के भीतर लागू कीटनाशक की मात्रा फसल के व्यवहार पर निर्भर करती है।

लाभ: जैविक रसायन का लाभ

  • प्राकृतिक सामग्री: पौधो और कार्बनिक पदार्थों और किसी भी बायोडिग्रेडेबल अपशिष्ट से प्राप्त होता है जिसका पोषण मूल्य होता है
  • पर्यावरण-अनुकूल: पर्यावरण को नुकसान कम करता है
  • गैर-विषाक्त: यह मनुष्यो, जानवरो और फायदेमंद कीड़ो के लिए सुरक्षित है।
  • बहुमुखी: कीटो, कवक और बीमारियो के खिलाफ प्रभावी। प्रतिकूल प्रभाव के बिना फसल उत्पादकता बढ़ाता है

निष्कर्ष

गाय के गोबर, छाछ और मूत्र जैसी सरल सामग्रियो का उपयोग करके पशु खाद उर्वरक तैयार करना पौधो की वृद्धि मे सुधार करने का एक स्थायी तरीका है। ये घरेलू समाधान पौधो और लोगो के लिए सुरक्षित है, जो पारंपरिक उर्वरको और कीटनाशको का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करते है। वे किफायती और बनाने मे आसान है, जिससे वे सभी आकार के किसानो के लिए सुलभ हो जाते है। इन प्राकृतिक तरीको को अपनाकर हम पर्यावरण की देखभाल करते हुए स्वस्थ फसल विकास मे सहायता कर सकते है।

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Advance Jivamrut Unit

https://www.youtube.com/watch?v=THh-AnvrTUs

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