1 देसी गाय से 30 बीघा जमीन पर अद्भुत उत्पादन
आज की रासायनिक खेती से दूर हटकर, प्राकृतिक और जैविक तरीको की ओर लौटना समय की जरूरत बन गई है। गाय के गोबर, गौमूत्र, गुड और अन्य प्राकृतिक सामग्रियो से आप सस्ती और टिकाऊ खेती कर सकते है। आइए जाने, इस प्रवाही जैविक खाद को कैसे बनाया जाता है और इसके क्या-क्या फायदे है।
बनाने का तरीका
- ऊपर बताई गई सभी सामग्री को मिलाए।
- दालो या छिलको का पाउडर करके 3 दिन बर्तन मे रखे।
- दोपहर को 3 बार 5-5 मिनट हिलाईए।
- चोथे दिन से प्रयोग करे।
विशेष: यह जिवामृत 10 दिन मे उपयोग कर ले।
उपयोग का तरीका
तैयार हुए लिक्विड खाद को कपडे से छान लो और किसी बर्तन मे रख लो। पम्प मे 2 से 2.5 लीटर प्रवाही फर्टिलाइजर ले (बाकी का पानी रखे)। दिन मे 3 बार खेत मे छिडकाव करे। हर 15 दिन से छिडकाव करना है।
जानकारी: पहेले 1 ऐकर मे छिडकाव करे और फिर आपको फायदा दिखे तो आप पूरे खेत मे उपयोग कर सकते है।
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इस प्रवाही जैविक खाद मे उपयोग की गई सामग्री मे मोजूद पोशाक तत्त्वो की जानकारी।
देशी गाय का गोबर: नाइट्रोजन, पोटाश, फॉसफरस, लोह, तांबा, कैल्शियम, मैग्नीशियम, गंधक, बोरॉन, मैंगनीज, जसत
देशी गाय का गौमूत्र: नाइट्रोजन, सल्फर, कोपर, आयर्न, यूरीक ऐसिड, सोडीयम, फॉस्फेट,मैंगनीज, पोटैशियम, कैल्शियम, कार्बन, ऐसिड, नमक, अन्य मिनरल्स, विटामिन A, C, D, लेक्टो, एन्जाइम्स, हाइड्रॉक्साइड, पानी, कियाटिनीन
किसी बीन्स का आटा, चने, उडद , मग या मूंगफली का गौल: प्रोटीन & फाइबर
देसी गुड: शुक्रॉस और असंख्य बकटेरिया
रोढा पाले की मिट्टी: असंख्य बेकटेरिया
निष्कर्ष:
प्रवाही जैविक खाद का उपयोग खेती के लिए एक सरल और प्रभावी तरीका है जो मिट्टी की उर्वरता और पौधों की वृद्धि को बढ़ाता है। देसी गाय का गोबर, गौमूत्र, गुड़, और अन्य प्राकृतिक सामग्री से बने इस लिक्विड फर्टिलाइज़र मे पौधो के लिए आवश्यक पोषक तत्व होते है। इसका नियमित छिड़काव फसलो की पैदावार बढ़ाने मे मदद करता है और रसायनो के उपयोग को कम करता है, जिससे किसानो को एक पर्यावरण-अनुकूल और किफायती समाधान मिलता है।


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