प्राकृतिक फर्टिलाइज़र :सस्ते में अधिक फसल के लिए जैविक खाद का चुनाव
क्या आप अपने पौधों के लिए ज़ीरो बजट जैविक खाद और जैव कीटनाशक खोज रहे हैं?
आप सही स्थान पर आये हैं।
जैविक फर्टिलाइज़र चुनने से पहले आप नीचे दिए गए पॉइंट्स पर ध्यान दे
- लिक्विड फर्टिलाइज़र छानना : कम छानना या लगभग न के बराबर फ़िल्टरिंग करना पड़ता है
- बास: क्या आपका खाद गंध मुक्त है या फिर कम बास आती है?
- आपको फर्टिलाइज़र अपने खेत मैं बनाने के लिए कोई दूसरे पर निर्भर रहेना पड़ता है?
- इसे बनाने की सामग्री आपको अपने खेत या आसपास से आसानी से मिल जाती है?
- क्या आपका प्लांट मूवऐबल है? फर्टिलाइज़र बनाने के लिए आपके प्लांट को परमानेंट जगह की जरूरत हैं ?
- फर्टलाइज़र को बनाने मैं कितने दिन लगते हैं ?
- खेत मैं देने के बाद कितने समय मैं परिणाम देखने को मिलता हैं ?
- क्या खाद बनते समय व्यक्ति को बार बार हिलना पड़ता हैं, जो आपका कीमती टाइम लेता हैं ?
इस लेख में, हम आपको एक सूचित निर्णय लेने में मदद करने के लिए लोकप्रिय जैविक उत्पादों अमृत पानी, गो कृपा अमृतम, जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य और एनारोबिक एडवांस जीवामृत की तुलना और विश्लेषण करेंगे।
इनमें से प्रत्येक जैविक खाद के अपने अनूठे लाभ हैं, जिससे उनके अंतर को समझना और वह चुनना आवश्यक हो जाता है जो आपकी खेती की आवश्यकताओं के लिए सबसे उपयुक्त हो।
आप अपनी खेती की जरूरतों के लिए सर्वोत्तम फर्टिलाइज़र का निर्धारण कर सकते हैं। तो, आइए प्रत्येक उत्पाद के बारे में गहराई से जानें और अपनी फसलों को हेल्थी रखने के लिए सही प्राकृतिक खाद का चुनाव करे!
1 अमृत पानी / जल (Amrit Jal)
अमृत जल ओर अमृत पानी जिसे
- ताजा गोबर
- देसी घी
- गौमूत्र
- देशी गुड़ और
- पानी
के मिश्रण से तैयार किया जाता है। यह मिश्रण फर्मेन्टेशन प्रक्रिया से गुजरता है, जिससे इसमें पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम समृद्ध मात्रा में उपलब्ध होते हैं
सावधानिया:
► इसे सीधे मिट्टी में मिलाया जा सकता है या पौधों पर स्प्रे के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
► फर्मेन्टेशन प्रक्रिया की जटिलता: यदि सही तरीके से किण्वन नहीं किया गया तो दुर्गंध और पोषक तत्व असंतुलन हो सकते हैं।
► सटीक अनुपात की आवश्यकता: सामग्री का सही अनुपात और किण्वन के लिए उपयुक्त तापमान और नमी का बनाए रखना आवश्यक है, अन्यथा परिणाम प्रभावी नहीं हो सकते।
► समय-समय पर मिश्रण करना: किण्वन प्रक्रिया के दौरान इसे दिन में कई बार हिलाना पड़ता है, जो कि समय लेने वाला हो सकता है।
2 गो कृपा अमृतम (Go Krupa Amrutam)
यह एक बैक्टिरीअल कल्चर है जिसमे एरोबिक बैक्टीरीया होते है। यह गोपालभाई सुतारिया द्वारा प्रसारित किया गया हैं। जिसमे गाय माता के पंचगव्य और विविध प्रकार की औषधि मिलाकर बनाया गया है। यह कल्चर आपको इसके कन्सल्टन्ट ओर दूसरे किसानों से लेना पड़ता है और यह निशुल्क है| इसे जामन की तरह उपयोग किया जाता है| थोड़ा बैक्टिरीअल कल्चर आपको बचाके रखना पड़ता है ताकि उसमै
- छाछ
- गुड़, और
- पानी
डालकर फिर से बना सके।
सावधानिया:
► फर्मेन्टेशन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करना महत्वपूर्ण है। यदि फर्मेन्टेशन सही तरीके से नहीं होता, तो यह मिश्रण अप्रभावी हो सकता है या इससे दुर्गंध उत्पन्न हो सकती है।
► फर्मेन्टेशन प्रक्रिया में समय और मेहनत लगती है। मिश्रण को नियमित रूप से हिलाना और सही तापमान और नमी का ध्यान रखना आवश्यक होता है, जो समय लेने वाला हो सकता है।
► सामग्री का सही अनुपात मिलाना महत्वपूर्ण है। छाछ, गुड़ और पानी का सही अनुपात न मिलाने पर बैक्टीरियल कल्चर का प्रभाव कम हो सकता है।
► फर्मेन्टेशन के दौरान सही नमी और तापमान का बनाए रखना महत्वपूर्ण है। यदि यह संतुलन बिगड़ता है, तो बैक्टीरिया का विकास प्रभावित हो सकता है और खाद की गुणवत्ता कम हो सकती है।
► गो कृपा अमृतम बैक्टीरियल कल्चर को लंबे समय तक स्टोरिज करना मुश्किल हो सकता है। इसे ताजा उपयोग करना ही अधिक प्रभावी होता है।
► गो कृपा अमृतम का निर्माण और उपयोग उचित तरीके से न किया जाए तो यह स्थानीय पर्यावरण और जल स्रोतों को प्रदूषित कर सकता है।
जीवामृत & घनजीवामृत (Jivamrit and ghanjivamrit)
जीवअमृत और घनजीवामृत एक जैविक फर्टिलाइज़र है जो सुभाष पालेकर द्वारा प्रसारित किया गया हैं और ज़ीरो बजट खेती से प्रससिद्ध हैं। यह ठोस ओर तरल दो रूप मैं होता है। यह प्राकृतिक सामग्री जैसे गोबर, गौमूत्र, गुड़, बेसन, और मिट्टी के मिश्रण से तैयार किया जाता है। जीवामृत में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, और पोटैशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं और इसमें लाभकारी सूक्ष्मजीव भी होते हैं जो मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं।
ज्यादा जानकारी के लिए यह पढे → जीवअमृत/ घनजीवामृत प्रेपरैशन और उपयोग विधि की सम्पूर्ण माहिती।
सावधानिया:
► फर्मेन्टेशन प्रक्रिया सही तरीके से न हो तो मिश्रण से दुर्गंध आ सकती है और पोषक तत्वों का असंतुलन हो सकता है।
► मिश्रण को नियमित रूप से हिलाना पड़ता है, जो समय और मेहनत ले सकता है।
► सही सामग्री का उपयोग न करने पर परिणाम प्रभावी नहीं हो सकते।
► फर्मेन्टेशन के दौरान सही नमी और तापमान का बनाए रखना आवश्यक है, जिससे बैक्टीरिया का विकास सही तरीके से हो सके।
► घनजीवमृत को लंबे समय तक स्टोर करना मुश्किल हो सकता है। इसे सही तरीके से संग्रहित न करने पर इसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है।
पंचगव्य खाद (Panchagavya Fertilizer)
पंचगव्य खाद जिसे पाँच मुख्य गाय उत्पादों –
- गोबर
- गौमूत्र
- दूध
- दहीऔर
- घी का के साथ
- केला
- नरिएल पानी
के मिश्रण से तैयार किया जाता है। यह एक प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल होने के साथ-साथ पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। पंचगव्य का उपयोग न केवल पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है बल्कि मिट्टी की जैव विविधता को भी सुधारता है।
सावधानिया:
► यदि सही तरीके से न तैयार किया जाए तो इससे दुर्गंध आ सकती है और हानिकारक सूक्ष्मजीवों का विकास हो सकता है।
► पंचगव्य तैयार करने में समय और मेहनत लगती है, क्योंकि इसे नियमित रूप से मिलाना और सही तापमान पर रखना होता है।
► पंचगव्य को लंबे समय तक स्टोर करना मुश्किल हो सकता है और इसके लिए उपयुक्त स्टॉरिज की आवश्यकता होती है।
एनारोबिक बैग मे बना एडवांस जीवामृत (Composting Bag based Natural Liquid Fertilizer)
यह एक ईफेक्टिव वैस्ट मैनेजमेंट प्लांट है जिसे IVRI (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) द्वारा चूज़ किया गया हैं। यह
- गोमूत्र
- छाछ
- चावल का पानी
- गाय का गोबर
- गुड
- नीम पीपल ओर सहजन के पत्ते
- किचन वैस्ट
- अन्य बायोडिग्रेडेबल वैस्ट (डंडेलियन, बिंदवीड, क्रैबग्रास, पिगवीड, थीस्ल, चिकवीड, पर्सलेन, क्वैकग्रास, प्लांटैन, नेटल जैसे खेत के खरपतवार)
को ऐनेरोबिक बाग मैं फर्मेन्टेशन के लिए डाला जाता है ।
इस प्रक्रिया को होने मई 40-45 दिन का समय लगता है जो एक ही बार का वैटिंग पीरीअड है । इसके बाद आप रोज जितना लीटर का मटीरीअल बेग मैं देंगे, रोज उतना फर्टिलाइज़र बाहर निकाल सकते है । ये एक सुपर फास्ट जैविक खाद मैकिंग बेग है जो खेत मैं ड्रिपपएर ओर धोरी के माध्यम से दे सकते है । खेत मई देने ने के बाद मिट्टी को सुपर फास्ट पोशाक तत्व देता है और पाक की बढोती करता है ।
इसमे रहे ऐनेरोबिक बकटेरिया बेग के अन्दर ही सारे पोशाक तत्वों को इक्स्ट्रैक्ट करके नूट्रिशन से भरपूर लिक्विड खाद बनाता है जो खेत मैं देने से मिट्टी को सारे पोशाक तत्व तुरंत मिलते है और इसके उपयोग से खेत मैं केचुआ की संख्या भी बढ़ती देखने मिलती है।
सावधानिया:
► इसमे बताई गई सामग्री की मात्रा आपको बेग की साइज़ के अनुसार डालनी पड़ती है ।
► इस मई लिक्विड फर्टिलाइज़र के साथ बायोगेस भी बनाता है । इसे समय समय पे निकालना न भूले। आप इसका उपयोग खेत के अन्य कामों मैं और किचन मैं कर सकते हैं ।
तुलना चार्ट : (Natural Liquid Fertilizers Comparison)
सारांश (Experts Corner)
अधिक फसल उत्पादन के लिए सही जैविक खाद का चयन करना महत्वपूर्ण है। तैयार करने में आसानी, गंध, सामग्री की उपलब्धता, और मिट्टी के स्वास्थ्य पर प्रभाव जैसे कारकों पर विचार करें। अमृत जल, गो कृपा अमृतम, जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य, और ऐनेरोबिक लिक्विड फर्टिलाइज़र जैसी लोकप्रिय विकल्पों के अपने-अपने लाभ और तैयारी के तरीके हैं। इनकी विशिष्ट आवश्यकताओं और प्रभावों को समझकर आप अपनी खेती की जरूरतों के लिए सर्वोत्तम खाद चुन सकते हैं, जिससे आपकी फसलें स्वस्थ और उपजाऊ रहेंगी।
हमारे एक्सपर्ट के मत मुताबीत सभी जैविक फर्टिलाइज़र की अपनी अपनी विशेषता है । इनमे से ऊपर दिए गए चार्ट के पॉइंट्स है जो ज्यादातर किसानों को दूसरे खाद को उपयोग करने से पहेले चेक करने चाहिए । अगर आप दुगना बेनेफिट चाहते है और ज्यादा महेनत किए बिना कम समय मैं फर्टलाइज़र चाहते हैं तो अड्वान्स जीवमृत चुनना सही है। क्युकी यह सरलता से बेग मैं बनता है जो आपका टाइम ओर महेनत बचाता है और उसकी नूट्रिशन वैल्यू भी दूसरे जैवक खाद से ज्यादा या बराबर है।
मजे की बात तो ये है की आप गो कृपा अमृतम और जीवअमृत जैसे खाद को इस ऐनेरोबिक जीवमृत मैं मिला सकते है और खेत मैं डायरेक्टली ड्रिप के द्वारा ओर वाटर चैनल (धोरी) से खेत मई दे सकते है, ’जीससे आपके पाक और जमीन को डबल मुनाफा (ऐनेरोबिक + एरोबिक बैक्टिरीया) मिलता है।
हमारे एक्सपर्ट के अनुसार हमने आपको अपना सुजाव सस्ते और ईफेक्टिव खाद का दे दिया अब आप अपने हिसाब से देख सकते है की आपकी जरूरत कॉनसी है जो आपके खेत और क्रॉप क लिए सही हो।


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